Chapter 5 of 30

समुद्र का पहला रहस्य

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रात काफी गहरी हो चुकी थी. सागरपुर की गलियाँ धीरे- धीरे शांत हो रही थीं. दिनभर जिस सडक पर लोगों की आवाजाही लगी रहती थी, वहाँ अब कभी- कभार किसी वाहन के गुजरने की आवाज ही सुनाई दे रही थी. समुद्र की आवाज हालांकि अब भी पहले जैसी थी. लहरें किनारे से टकरातीं. कुछ पल पीछे हटतीं. फिर एक नई लहर आगे बढती. यह क्रम लगातार चल रहा था. शौर्य अपने कमरे की खिडकी के पास खडा था. उसकी नजर दूर समुद्र पर थी. कुछ देर पहले ही उसने अपनी प्रणाली में वह नया विकल्प देखा था. बीस्ट बंधन. उसने उसे छुआ नहीं था. वह जानता था कि किसी अनजान शक्ति को बिना समझे इस्तेमाल करना समझदारी नहीं होगी. पिछले कुछ दिनों में उसने इतना तो सीख लिया था कि यह प्रणाली उसके आदेशों का पालन करती थी, लेकिन हर विकल्प के पीछे कोई न कोई नियम जरूर था. और उन नियमों को समझना जरूरी था. उसने खिडकी बंद कर दी. फिर बिस्तर पर आकर बैठ गया. उसने आँखें बंद कीं. प्रणाली उसके सामने प्रकट हो गई. आदिम बीस्ट साधना प्रणाली. धारक: शौर्य. वर्तमान स्तर: प्रारंभिक. ऊर्जा संचय: निम्न. उपलब्ध क्षमता. ऊर्जा संग्रह. बीस्ट विकास. बीस्ट बंधन. शौर्य ने कुछ देर तक स्क्रीन को देखा. फिर उसकी नजर बीस्ट बंधन पर जाकर रुक गई. वह धीरे से उसके बारे में सोचने लगा. तुरंत एक सूचना सामने आई. बीस्ट बंधन के लिए उपयुक्त जीव आवश्यक. बंधन के बाद जीव धारक की ऊर्जा से जुड जाएगा. शौर्य की आँखें थोडी बडी हो गईं. इसका मतलब था कि वह किसी जीव को अपना साथी बना सकता था. लेकिन उसी के साथ दूसरी सूचना भी सामने आई. बंधन असफल होने पर जीव और धारक दोनों को नुकसान हो सकता है. शौर्य ने तुरंत विकल्प बंद कर दिया. इतनी जल्दी नहीं। उसने खुद से कहा. वह किसी जीव के साथ प्रयोग नहीं करेगा जब तक उसे पूरी तरह समझ न आ जाए कि यह प्रक्रिया कैसे काम करती है. वह लेट गया. लेकिन नींद आने में काफी समय लगा. उसके मन में वही एक सवाल घूम रहा था. कौन- सा जीव? अगर उसे वास्तव में कोई बीस्ट अपने साथ रखना है, तो उसे ऐसा जीव चाहिए जो आगे चलकर शक्तिशाली बन सके. लेकिन अभी वह किसी शक्तिशाली जीव को नियंत्रित नहीं कर सकता था. इसलिए शायद उसे शुरुआत किसी छोटे जीव से करनी होगी. उसने करवट बदली. खिडकी से समुद्र की हल्की आवाज अब भी सुनाई दे रही थी. कुछ देर बाद उसकी आँखें बंद हो गईं. सुबह उसे एक अजीब सपना आया. वह समुद्र के बीच खडा था. चारों तरफ पानी था. लेकिन पानी उसके पैरों को छू नहीं रहा था. वह समुद्र की सतह पर खडा था. आसमान पूरी तरह काला था. चाँद दिखाई नहीं दे रहा था. फिर अचानक उसके सामने एक नीली रोशनी दिखाई दी. वही रोशनी. जिसे उसने पहली बार समुद्र की गहराई में देखा था. इस बार रोशनी बहुत दूर थी. उसके पीछे एक विशाल दरवाजा दिखाई दे रहा था. दरवाजा पत्थर का था. उस पर अजीब निशान बने हुए थे. शौर्य ने उसकी तरफ कदम बढाया. लेकिन जैसे ही उसने हाथ आगे किया, समुद्र के नीचे से कोई बहुत बडी चीज ऊपर उठने लगी. उसने डरकर पीछे देखा. कुछ दिखाई नहीं दिया. केवल एक विशाल छाया. और फिर उसे एक आवाज सुनाई दी. अभी नहीं। शौर्य ने घबराकर पूछा, कौन हो? कोई उत्तर नहीं आया. फिर वही आवाज. जब तक तुम स्वयं को पहचान नहीं लेते, गहराई तुम्हें स्वीकार नहीं करेगी। शौर्य ने आगे बढने की कोशिश की. लेकिन पानी उसके पैरों के नीचे से गायब हो गया. वह अचानक नीचे गिरने लगा. और उसी समय उसकी आँखें खुल गईं. शौर्य जोर से सांस लेने लगा. कमरे में सुबह की हल्की रोशनी थी. उसने कुछ क्षण तक छत को देखा. फिर अपने चेहरे पर हाथ फेर लिया. सिर्फ सपना था। उसने खुद को समझाया. लेकिन उसके भीतर कहीं एक आवाज कह रही थी कि वह सपना साधारण नहीं था. वह उठकर बैठ गया. उसने प्रणाली को सक्रिय किया. स्क्रीन सामने आई. सब कुछ सामान्य था. फिर उसकी नजर नीचे गई. वहाँ एक नया संदेश था. अज्ञात समुद्री क्षेत्र से ऊर्जा प्रतिक्रिया प्राप्त. शौर्य का चेहरा गंभीर हो गया. उसने संदेश को दोबारा पढा. फिर तीसरी बार. अज्ञात समुद्री क्षेत्र. ऊर्जा प्रतिक्रिया. वही समुद्र. वही दिशा. दक्षिण- पश्चिम. शौर्य कुछ देर बिल्कुल शांत बैठा रहा. उसे अपने सपने का दरवाजा याद आया. क्या दोनों चीजें जुडी थीं? या उसका दिमाग केवल पिछली घटनाओं को जोड रहा था? उसने कोई निष्कर्ष नहीं निकाला. वह जल्दी से तैयार हुआ. आज उसे Collage जाने से पहले समुद्र किनारे जाना था. जब वह बाहर निकला, तब सूरज अभी पूरी तरह नहीं निकला था. आसमान हल्का सुनहरा था. समुद्र की सतह पर हल्की चमक थी. शौर्य सीधे उसी जगह गया जहाँ वह पिछले दिनों ऊर्जा इकट्ठा करता था. वहाँ पहुँचकर उसने आँखें बंद कीं. पहले उसे छोटी मछलियों की ऊर्जा महसूस हुई. फिर केकडों की. कुछ और छोटे जीवों की. लेकिन इस बार उसे एक और चीज महसूस हुई. बहुत दूर. समुद्र के भीतर. एक धीमी धडकन. जैसे कोई विशाल हृदय बहुत दूर धडक रहा हो. एक बार. फिर दूसरी बार. फिर तीसरी बार. शौर्य ने तुरंत आँखें खोल दीं. समुद्र बिल्कुल शांत था. लेकिन उसकी प्रणाली सक्रिय हो चुकी थी. अज्ञात ऊर्जा स्रोत. दूरी: अत्यधिक. ऊर्जा स्तर: उच्च. शौर्य का गला सूख गया. उसने कुछ कदम पीछे हटकर समुद्र को देखा. उसने मन ही मन पूछा. क्या यह वही जीव है? प्रणाली ने कोई उत्तर नहीं दिया. कुछ क्षण बाद एक और संदेश आया. सीधा संपर्क अनुशंसित नहीं. शौर्य ने राहत की सांस ली. कम से कम इतना तो बता सकती हो। उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा. फिर वह मुडकर जाने लगा. लेकिन तभी उसके पैरों के पास पानी में कुछ चमका. शौर्य रुक गया. लहर वापस गई. रेत पर एक छोटा- सा नीला पत्थर पडा था. वह साधारण पत्थर जैसा दिख रहा था. शौर्य झुककर उसे उठाने लगा. जैसे ही उसकी उंगलियाँ पत्थर से छुईं, उसकी हथेली में तेज गर्मी फैल गई. शौर्य ने तुरंत हाथ पीछे खींच लिया. पत्थर रेत पर गिर गया. नीली रोशनी कुछ क्षण उसके ऊपर चमकी. शौर्य ने प्रणाली सक्रिय की. अज्ञात ऊर्जा क्रिस्टल. ऊर्जा शुद्धता: उच्च. शौर्य की सांस रुक गई. यह पहली बार था जब उसे समुद्र से कोई ऐसी वस्तु मिली थी जिसमें जीवित ऊर्जा मौजूद थी. उसने चारों तरफ देखा. कोई नहीं था. उसने कपडे का एक छोटा टुकडा निकाला और पत्थर को सावधानी से उठा लिया. इस बार उसने सीधे हाथ से नहीं छुआ. उसने उसे अपने बैग के अंदर रख लिया. लेकिन बैग बंद करते ही प्रणाली फिर सक्रिय हो गई. ऊर्जा क्रिस्टल सुरक्षित रूप से संग्रहित. शौर्य की धडकन तेज हो गई. अगर यह क्रिस्टल वास्तव में ऊर्जा से भरा था, तो शायद वह अपनी शक्ति को तेजी से बढा सकता था. लेकिन उसके मन में एक दूसरा विचार भी आया. इतनी शक्तिशाली चीज समुद्र किनारे क्यों पडी थी? क्या यह किसी जीव से आई थी? क्या किसी ने इसे यहाँ छोडा था? या फिर समुद्र ने खुद उसे बाहर फेंका था? उसके पास कोई जवाब नहीं था. उसने बैग उठाया और घर की तरफ चल पडा. रास्ते में उसने बार- बार बैग की तरफ देखा. उसे डर था कि कोई उस पत्थर को देख न ले. घर पहुँचकर उसने सबसे पहले कमरे का दरवाजा बंद किया. बैग मेज पर रखा. फिर पत्थर बाहर निकाला. उसने उसे सीधे हाथ में नहीं लिया. एक कपडे पर रखकर सामने रखा. नीली चमक अब बहुत हल्की थी. शौर्य ने प्रणाली सक्रिय की. अज्ञात ऊर्जा क्रिस्टल. उपयोग संभव. ऊर्जा अवशोषण. ऊर्जा भंडारण. विकास में उपयोग. बंधन में उपयोग. शौर्य कुछ क्षण तक स्क्रीन देखता रहा. फिर उसके चेहरे पर गंभीरता आ गई. इस एक छोटे पत्थर से वह अपनी शक्ति बढा सकता था. लेकिन उसे यह नहीं पता था कि इसमें कितनी ऊर्जा है. और अगर उसने सारी ऊर्जा एक साथ अवशोषित कर ली तो क्या होगा? उसने फैसला किया कि पहले बहुत थोडी मात्रा इस्तेमाल करेगा. उसने अपनी हथेली क्रिस्टल के ऊपर रखी. कुछ नहीं हुआ. उसने आँखें बंद कीं. फिर प्रणाली को सक्रिय किया. ऊर्जा अवशोषण. एक क्षण के लिए क्रिस्टल चमका. शौर्य की हथेली में हल्की गर्मी आई. फिर वह गर्मी अचानक बढने लगी. उसने हाथ पीछे खींचना चाहा. लेकिन उसकी हथेली जैसे क्रिस्टल से चिपक गई थी. शौर्य का चेहरा बदल गया. रुको। प्रणाली शांत रही. ऊर्जा तेजी से उसके शरीर में प्रवेश करने लगी. उसकी नसों में जैसे गर्म पानी दौड रहा था. उसका सिर भारी हो गया. उसकी सांसें तेज हो गईं. वह कुर्सी से उठने की कोशिश करने लगा. लेकिन पैर कमजोर पड गए. वह जमीन पर बैठ गया. क्रिस्टल की चमक बढती गई. और उसी समय उसके सामने कई संदेश एक साथ दिखाई दिए. अत्यधिक ऊर्जा प्रवाह. शरीर की सीमा निकट. अवशोषण रोकें. शौर्य ने पूरी ताकत से प्रणाली को रोकने की इच्छा की. अचानक क्रिस्टल की चमक बंद हो गई. उसका हाथ आजाद हो गया. शौर्य जमीन पर बैठा तेज सांस ले रहा था. कुछ क्षण तक वह कुछ नहीं कर सका. फिर उसने अपनी हथेली देखी. उस पर कोई चोट नहीं थी. लेकिन उसके शरीर के भीतर कुछ बदल गया था. वह इसे महसूस कर सकता था. उसने प्रणाली खोली. ऊर्जा संचय पहले से कई गुना ज्यादा था. शौर्य की आँखों में अविश्वास था. इतनी ऊर्जा. सिर्फ इतने छोटे क्रिस्टल से. उसने तुरंत क्रिस्टल को कपडे में लपेट दिया. अब वह इसे सामान्य वस्तु की तरह नहीं देख रहा था. यह खतरनाक था. और शायद बहुत मूल्यवान भी. उसने उसे छिपाकर रख दिया. फिर कुछ देर तक फर्श पर बैठा रहा. उसका मन तेजी से चल रहा था. अगर एक छोटा क्रिस्टल इतनी ऊर्जा दे सकता था, तो समुद्र की गहराई में ऐसे कितने क्रिस्टल होंगे? और अगर वहाँ कोई शक्तिशाली जीव उन्हें अपने लिए इस्तेमाल कर रहा हो तो? यह विचार आते ही उसके चेहरे की गंभीरता बढ गई. शौर्य ने फैसला किया कि वह जल्दबाजी नहीं करेगा. उसे अपनी शक्ति बढानी है. लेकिन धीरे- धीरे. उसे प्रणाली को समझना है. उसे यह भी पता लगाना है कि समुद्र में मौजूद रहस्यमयी ऊर्जा का स्रोत क्या है. और सबसे महत्वपूर्ण. उसे अपनी पहचान छिपानी है. दुनिया में अगर किसी को पता चल गया कि वह समुद्री जीवों की ऊर्जा से अपनी शक्ति बढा सकता है, तो उसके लिए समस्या पैदा हो सकती थी. वह दोपहर तक घर में ही रहा. फिर Collage चला गया. आज भी सब कुछ सामान्य था. लेकिन उसके भीतर अब पहले जैसी बेचैनी नहीं थी. उसे लग रहा था कि उसने अपने लिए एक रास्ता खोज लिया है. कक्षाएँ खत्म होने के बाद वह सीधे गोदाम गया. राघव पहले से वहाँ था. आज देर कर दी। शौर्य ने कहा, कॉलेज में काम था। राघव ने ज्यादा सवाल नहीं किया. दोनों काम करने लगे. करीब एक घंटे बाद गोदाम के बाहर अचानक कुछ लोग आए. उनमें से एक आदमी उम्र में शौर्य से काफी बडा था. महँगे कपडे. हाथ में घडी. और चेहरे पर ऐसा आत्मविश्वास जैसे वह जहाँ खडा होता है, वही जगह उसकी हो जाती हो. उसके साथ दो लोग और थे. वह सीधे गोदाम के मालिक के पास गया. कुछ देर बातचीत हुई. फिर उसने पानी के टैंक की तरफ देखा. वही टैंक जिसमें शौर्य ने कुछ दिन पहले वह अजीब मछली देखी थी. उस आदमी की नजर उसी मछली पर जाकर रुक गई. शौर्य दूर से उसे देख रहा था. उस आदमी ने कहा, यही है? गोदाम मालिक ने सिर हिलाया. हाँ। कितने में दोगे? मालिक ने रकम बताई. आदमी ने बिना बहस किए पैसे निकाल दिए. शौर्य का ध्यान तुरंत उस मछली पर गया. उसके भीतर वही ऊर्जा महसूस हुई. लेकिन इस बार उस आदमी के आसपास भी कुछ अजीब था. शौर्य अपनी जगह पर स्थिर हो गया. प्रणाली अपने आप सक्रिय हुई. अज्ञात मानव ऊर्जा. शौर्य की आँखें फैल गईं. मानव ऊर्जा? उसने उस आदमी की तरफ ध्यान से देखा. वह बाहर से बिल्कुल सामान्य लग रहा था. लेकिन प्रणाली उसे सामान्य नहीं बता रही थी. शौर्य ने तुरंत नजरें हटा लीं. उसने उस आदमी को पहली बार देखा था. लेकिन उसके भीतर एक स्पष्ट एहसास पैदा हो चुका था. वह आदमी साधारण नहीं था. आदमी ने टैंक से मछली निकलवाई. जैसे ही उसने उसे अपने हाथ में लिया, मछली के शरीर से हल्की नीली चमक निकली. आदमी ने कुछ नहीं कहा. लेकिन उसकी आँखों में एक पल के लिए संतोष दिखाई दिया. फिर वह मुडा और बाहर चला गया. शौर्य उसे जाते हुए देखता रहा. राघव ने उसके कंधे पर हाथ रखा. क्या हुआ? शौर्य ने तुरंत सिर हिलाया. कुछ नहीं। तू ठीक है? हाँ। लेकिन उसके भीतर एक ही सवाल था. वह आदमी कौन था? और उसे उस मछली के बारे में कैसे पता था? काम खत्म होने के बाद शौर्य देर तक गोदाम के बाहर खडा रहा. वह आदमी जा चुका था. उसकी गाडी भी दिखाई नहीं दे रही थी. फिर भी शौर्य की नजर उसी दिशा में थी. उसने प्रणाली सक्रिय की. कोई ऊर्जा संकेत नहीं. वह आदमी अब बहुत दूर जा चुका था. शौर्य ने धीरे से मुट्ठी बंद कर ली. अब उसे पहली बार महसूस हुआ कि इस दुनिया में शायद ऐसे लोग और भी हैं जो ऊर्जा को महसूस कर सकते हैं. वह अकेला नहीं था. और अगर ऐसा था, तो उसे और सावधान रहना होगा. रात को घर लौटते समय उसने समुद्र की तरफ देखा. आज समुद्र शांत था. लेकिन उसके भीतर अब पहले जैसी शांति नहीं थी. उसे लग रहा था कि उसकी दुनिया धीरे- धीरे बडी हो रही है. पहले उसे केवल अपनी गरीबी दिखाई देती थी. फिर उसे प्रणाली मिली. फिर समुद्र के जीव. फिर ऊर्जा क्रिस्टल. और अब एक ऐसा इंसान, जो शायद उसी रहस्यमयी ऊर्जा को पहचानता था. शौर्य घर पहुँच गया. अनन्या सो चुकी थी. उसने धीरे से दरवाजा बंद किया. फिर अपने कमरे में गया. उसने क्रिस्टल बाहर निकाला. इस बार उसने उसे बहुत सावधानी से देखा. नीली चमक पहले से कमजोर थी. शायद उसने जो ऊर्जा अवशोषित की थी, उसके बाद उसकी शक्ति कम हो गई थी. शौर्य ने उसे हाथ में लेने की कोशिश नहीं की. उसने उसे कपडे में लपेटकर सुरक्षित रख दिया. फिर बिस्तर पर बैठ गया. प्रणाली सक्रिय की. ऊर्जा संचय पहले से बहुत अधिक था. बीस्ट विकास. बीस्ट बंधन. दोनों विकल्प स्पष्ट दिखाई दे रहे थे. शौर्य की नजर बंधन पर टिक गई. अब उसके पास पर्याप्त ऊर्जा थी. लेकिन वह अभी भी तय नहीं कर पा रहा था कि Kiss जीव को चुने. उसने आँखें बंद कीं. समुद्र की आवाज सुनी. धीरे- धीरे उसके भीतर वही परिचित अनुभूति आई. कई छोटे जीव. कई छोटी ऊर्जा धाराएँ. फिर दूर कहीं एक बडी ऊर्जा. बहुत बडी. लेकिन इस बार उस ऊर्जा के साथ कुछ और भी था. एक हल्की कंपन. जैसे कोई उसे पहचान रहा हो. शौर्य ने आँखें खोल दीं. सिस्टम के सामने एक संदेश दिखाई दे रहा था. उपयुक्त बीस्ट की खोज संभव. शौर्य कुछ सेकंड तक स्क्रीन देखता रहा. फिर उसने धीरे से कहा. खोज शुरू करो। नीली रोशनी उसके सामने फैल गई. कई छोटे- छोटे संकेत दिखाई देने लगे. कुछ कमजोर. कुछ सामान्य. कुछ मजबूत. और फिर. एक संकेत बाकी सभी से अलग होकर सामने आया. अज्ञात बीस्ट. ऊर्जा स्तर: उच्च. स्थान. दक्षिण- पश्चिमी समुद्री क्षेत्र. शौर्य का चेहरा गंभीर हो गया. वही दिशा. वही जगह. जिसे प्रणाली पिछले कई दिनों से दिखा रही थी. उसने स्क्रीन को बंद नहीं किया. वह कुछ देर तक उस संकेत को देखता रहा. फिर उसके चेहरे पर एक निर्णय दिखाई दिया. वह अभी उस जीव के पास नहीं जाएगा. पहले तैयारी करेगा. अपनी शक्ति बढाएगा. समुद्र के बारे में और जानेगा. और शायद किसी दिन उस रहस्यमयी बीस्ट के सामने खडा होगा. लेकिन उस दिन तक उसे जीवित रहना होगा. उस रात शौर्य ने पहली बार अपनी शक्ति को लेकर एक स्पष्ट नियम बनाया. वह शक्ति का पीछा नहीं करेगा. वह शक्ति को समझेगा. फिर उसे अपने नियंत्रण में लाएगा. और अगर समुद्र वास्तव में उसके लिए कोई रास्ता खोल रहा था, तो वह उस रास्ते पर कदम रखेगा. धीरे- धीरे. एक कदम. फिर दूसरा. और तभी. समुद्र की बहुत दूर की गहराई में. वही विशाल जीव फिर जागा. उसने अपनी आँखें खोलीं. इस बार उसके सामने पानी में एक हल्की नीली रोशनी तैर रही थी. उस रोशनी में शौर्य की ऊर्जा की बहुत छोटी- सी छाप मौजूद थी. विशाल जीव कुछ क्षण उसे देखता रहा. फिर उसने अपना सिर उठाया. समुद्र की धाराएँ बदलने लगीं. गुफा की दीवारों पर बने प्राचीन निशान हल्के- हल्के चमकने लगे. और गुफा के सबसे भीतर रखा पत्थर पहली बार पूरी तरह प्रकाशित हो गया. उस पत्थर पर वही चिन्ह बना था. जो शौर्य ने अपने सपने में देखा था. एक बंद दरवाजा. उसके सामने एक अकेला मानव. और उसके पीछे समुद्र की अथाह गहराई. दरवाजे के नीचे केवल एक पंक्ति लिखी थी. जब धारक पहली शक्ति प्राप्त करेगा, गहराई का द्वार खुलने लगेगा. और उसी क्षण. शौर्य के कमरे में रखी प्रणाली अचानक अपने आप सक्रिय हो गई. शौर्य गहरी नींद में था. उसने कुछ नहीं देखा. उसके सामने नीली स्क्रीन कुछ सेकंड तक चमकती रही. फिर उस पर एक नया संदेश उभरा. पहला चरण पूर्ण. अगला चरण प्रारंभ होने की प्रतीक्षा में. उसके नीचे एक और शब्द दिखाई दिया. उत्तराधिकारी. फिर स्क्रीन गायब हो गई. कमरे में फिर वही शांति लौट आई. बाहर समुद्र की लहरें चलती रहीं. लेकिन अब समुद्र पहले जैसा शांत नहीं था. क्योंकि उसकी गहराई में कुछ जाग चुका था. और शौर्य को अभी यह पता भी नहीं था कि उसकी छोटी- सी शक्ति यात्रा ने उसे उस रहस्य के कितने करीब ला दिया है, जिसका संबंध केवल समुद्र से नहीं, बल्कि उसके अपने अतीत से भी था.

End of Chapter 5